क्रीमी लेयर क्या है ! इससे Sc/St आरक्षण पर क्या प्रभाव पड़ेगा

 क्रीमी लेयर (creamy layer) का मतलब होता है मलाईदार परत वैसा family (परिवार) जो आर्थिक एवं समाजिक रूप से सुखी संपन्न हो या प्रगति (विकाश) कर चूका है | वैसे परिवार को क्रीमी लेयर श्रेणी में रखा जाता है | 

Creamy Layer श्रेणी में आने वाले लोगों को आरक्षण (Reservation) का लाभ नहीं दिया जाता है | 

Creamy layer kya hai ! Sc/St, OBC Reservation

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चाहे वह शिक्षण संस्थान हो या फिर सरकारी नौकरी

यह कानून अगर sc/st के ऊपर लागु हुआ तो इससे उन sc/st परिवारों को भी creamy layer का सामना करना पड़ेगा | जो आर्थिक एवं समाजिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है।


 उनलोगों को कई शदियों से आर्थिक एवं समाजिक रूप से शोषण किया गया है | उन परिवारों पर अगर क्रीमी लेयर (creamy layer) लागु हुआ तो उन लोगों को फिर से वैसा ही शोषण होने लगेगा जैसे कई वर्षों पहले हुआ करता था।


 छुआ - छूत , भेद - भाव , उच्च - नीच का क्योकि समाज में समानता नहीं होने से क्रीमी लेयर को sc/st पर लागु होने से इसका दुष प्रवाभ भी देखने को मिल सकता है।


इसीलिए समाज में सबसे पहले समानता का प्रगति होना अनिवार्य है, जो अभी पूर्ण रूप से समाज में विकशित नहीं  हुआ है। 


अभी भी जगह -जगह पर छुआ - छूत , भेद - भाव , उच्च - नीच देखने को मिल ही रही है जो भारतीये सांस्कृतिक , सभ्यता के विकाश के लिए बाधा बन रही है। 


यह एक दाग के भाती चमक रही है, उस दाग - धव्वे को समाज से हटाना अनिवार्य है। तभी देश का समाजिक एवं आर्थिक विकाश होगा। उसके बाद ही हमारा देश पुरे विश्व भर में गौरवान्वित महसूस करेगा। और यह तभी सम्भव है जब पुरे भारतवर्ष में सामाजिक समानताऐं होगी।


सामाजिक समानता लाने के लिए sc/st को आरक्षण (Reservation) मिलना ही एक मात्र विकल्प है। sc/st को आरक्षण मिलेगी तभी वह अपनी जीवन को प्रगतिशील बना पाएगा।


 जब उनका जीवन प्रगति पथ पर होगी तभी उनसे धीरे - धीरे छुआ - छूत , भेद - भाव , उच्च - नीच की भावना समाज से धीरे - धीरे दूर होता चला जायेगा।


सामाजिक असमानताएँ डाइरेक्ट समाप्त नहीं हो सकता है।


 यह एक जटिल बीमारी के तरह समाज में फैला हुआ है। इस बीमारी को ठीक आरक्षण से ही किया जा सकता है।


 क्योंकि आरक्षण का लाभ भी धीरे - धीरे sc/st लोगों को मिल पाता है , और यह जैसे - जैसे sc/st लोगों को आरक्षण का लाभ मिल पाता है, वैसे - वैसे उन लोगों से भी सामाजिक भेद - भाव , उँच - नीच , छुआ - छूत की बीमारी समाज से दूर होता चला जाएगा।


 इसका उद्धहरण इस प्रकार है LJP पार्टी के चीफ रामविलाश पासवान ने अपना शादी किसी एक उच्च वर्ग के कन्या से किया , ठीक उसी प्रकार जीतन राम माँझी का सुपूत्र का भी विवाह किसी उच्च वर्गीये कन्या से ही हुआ है | इसके अलावा ज्योति मौर्या जो एक pcs अधिकारी थी वह भी अपना विवाह के लिए एक उच्च वर्गिये लड़का जो एक होम गॉर्ड कमाण्डेन्ट अधिकारी था मनीष दुवे उनसे किया है।


इसके आलावा और भी कई ऐसे अधिकारी एवं बिजनेसमैन है जो समाज में उच्च - नीच , भेद - भाव , छुआ - छूत को नजर अंदाज कर रहे है।


 क्योकि उनको हमेशा प्रगति पथ पर ही रहना है। इसीलिए वह सामाजिक असमानताए को नहीं मान रहे है, और सभी के सभी मिल जुलकर समानताए की ओर बढ़ रहे है। जिसे समाज एवं देश का विकाश हो सके। 


ऐसे देखा जाता है की समाज से असमानताए हटाने के लिए आरक्षण ही एक मात्र विकल्प है। जो sc/st को मिला हुआ है| जो भारतीये समाज में सबसे ज्यादा दबला , कुचला एवं आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़ा sc/st वर्ग ही था।


 इसीलिए हमारे भारतीये संविधान के रचयेता एवं उनके समर्थक सभी को मध्ये नजर रखते हुए कुछ न कुछ आरक्षण दिए है। जिसे एक समाज दूसरे समाज का शोषण का आधार न बन सके।

creamy layer क्या है ! इसे कब लागु करना चाहिए Sc/St के ऊपर 

क्रीमी लेयर का मतलब होता है (मलाईदार परत) वैसा फैमली जिनकी वार्षिक आय कम से कम 8 लाख रूपये हो, इससे ऊपर जितना भी हो। वैसे family को creamy layer वर्ग (category) के अन्तर्गत राज्य सरकार रखती है।

उस परिवार के किसी भी सदस्य को सरकारी आरक्षण (Reservation) का लाभ नहीं दिया जाता है। चाहें वह परिवार किसी भी वर्ग समुदाय का हो। उनको किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है। उसे ही क्रीमी लेयर (Creamy Layer ) कहा जाता है। जो आर्थिक के आधार पर सरकार उन्हें तैय करती है की क्या उस परिवार को क्रीमी लेयर के अन्तर्गत रखना है या नहीं।

जिनको वार्षिक आय 8 लाख रूपये से कम होती है | वैसे फैमली (परिवार) को राज्य सरकार क्रीमी लेयर के अंतरगत नहीं रख सकते है। क्योकि वह परिवार आर्थिक रूप से poor (गरीब) है। वैसे ही परिवार को non creamy layer कहा जाता है। चाहे वह व्यक्ति कोई भी वर्ग का हो, उच्य वर्ग का हो या फिर निम्न वर्ग का हो क्रीमी लेयर में किसी भी प्रकार के जाती , समुदाय , उच्य वर्ग या निम्न वर्ग या फिर कहें की कोई भी केटेगरी का हो क्रीमी लेयर में ये सब कोई मायने नहीं रखता है। क्रीमी लेयर सिर्फ और सिर्फ आर्थिक आधार पर ही तैय किया जाता है।

क्रीमी लेयर sc/st के ऊपर लागु करने से पहले सरकार (government) को इस पर गहन अध्ययन एवं विचार - विमर्श करने के बाद ही लागु करना चाहिए।

क्योकि हमारे देश में समाज के कई ऐसे वर्ग है जो भारतीये राजनितिक में अपनी - अपनी अहम् भूमिका निभाती है। उसी में कुछ ऐसे केटेगरी में रहने वाले लोग होते है। जो अभी भी दवला - कुचला एवं काफी पिछड़ा हुआ है और वह समाज में भेद - भाव , उच्य - नीच , छुआ - छूत का शिकार बना हुआ है।

अगर ऐसे में उन category (वर्ग) पर क्रीमी लेयर लागु हुआ तो वह समाज और भी पिछड़ जायेगा और उनके ऊपर फिर से समाजिक शोषण होना शुरू हो जाएगा।

वह वर्ग sc/st हमेशा - हमेशा के लिए पिच्छड़ जायेगा, उनके ऊपर फिर से शोषण, दमन, अत्याचार बढ़ जाएगी| जिस तरह आजादी से पहले उनके ऊपर शोषण , अत्याचार , दमन , छुआ - छूत , भेद - भाव , उच्य - नीच हुआ करते थे।

इस तरह के अत्याचार को देखते हुए हमारे माननिये श्री स्वतंत्रता सेनानी के सभी भाइयों ने इस पर विचार , विमर्श करने के वाद ही ऎसी सामाजिक Category बनाई है। जिसे आरक्षण (Reservation) मिल सके और वह भी हमारे तरह समानताए रखती हो , उनके साथ कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी वर्ग, किसी भी सामाजिक समुदाय का हो वह किसी से छुआ - छूत , भेद - भाव , उच्य - नीच का व्यवहार न कर सके।

इसीलिए उन्हें समाज में अपनी अस्तर ऊपर उठाने के लिए एवं सामाजिक समानताऐं पाने के लिए कुछ विशेष छूट दी गई है जिसे Sc/St आरक्षण (Reservation) कहा जाता है | 

इस आरक्षण (Reservation) को सुरक्षा करना हमारा दाइत्व बनता है। आरक्षण को तब तक सुरक्षा करो जब तक की हमारा भारतीये समाज एकता एवं अखण्डता का रूप न लेले।

जब हमारे देश में पूर्ण रूप से एकता , समानता एवं अखण्डता का विकाश हो जायेगा, तब आरक्षण अपने - आप स्वतः समाप्त हो जाएगी। क्योकि उस समय के सभी जाती , सभी धर्म , सभी समुदाय के लोग केवल और केवल अपने - अपने विकाश एवं देश के विकाश और सुरक्षा के वारे में विचार विमर्श करेंगे।

उस समय के लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए आरक्षण के वारे में चिंता नहीं करेंगे। क्योकि उस समय के सभी लोगों को सामाजिक एवं धार्मिक समानताऐं वरावर होने के कारन उन्हें आर्थिक यानि धन , रूपया  पैसा से भेद - भाव , उच्च - नीच , छुआ - छूत की चिंता करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। कोई भी व्यक्ति कोई भी कार्य आसानी से कर पायेगा। चाहे वह कार्य धर्म से रेलेटेड हो या फिर समाज से संबंधित। सभी कार्यों को सभी को करने की स्वतंत्रता होगी। यही है Sc/St आरक्षण का फायदा। जिसे हमारा देश पूरे विश्व भर में गौरवान्वित महसूस करेगा और हमेशा विकाश के पथ ही रहेगा। 


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