'घोंघा वसंत' परम मूर्ख, महामूर्ख, अपढ़, अपटु, समय पर अपनी बात कहने से चूक जाने वाला। अब इसे समझते है वाक्य प्रयोग करके की इस मुहावरे का क्या अर्थ निकलता है, इसके बारे में। जैसे:- 'घोंघा वसंत' मुहावरे का अर्थ है (मूर्ख) वैसा व्यक्ति जो समय पर अपनी बात कहने से चुक जाए, उसे घोंघा वसंत कहा जाता है। इस muhavare ka arth निकलकर आ रहा है की आजकल बुद्धिजीवी व्यक्ति भी 'घोंघा वसंत' बनकर रह जाते हैं, समय के अनुसार क्योंकि आपदा,मुसीबत किसी के पास कभी भी आ सकता है। जिसे वह काफी अघात हो सके और उसे झेलना काफी मुस्किल हो ऐसा प्रस्थिति किसी के साथ भी हो सकता है। इसीलिए हर व्यक्ति को प्रस्थिक का सामना करने की सहनशीलता होनी आवश्यक है।
आइए अब हम जानते है मुहावरे (muhavare) किसे कहते है इसके बारे में, मुहावरे का अर्थ ही होता है बहुत कम शब्दों में बहुत गहरी वात कह देना।
मुहावरे और लोकक्तियॉ को भाषा का प्राण माना गया है। मुहावरा या लोकक्तियां इन दोनो के माध्यम से बहुत कम शब्दों में बहुत जल्दी गहरी वात (जो बहुत असरदार हो) कह दी जाती है।
जिन बातों को कहने के लिए बहुत सारे शब्दों को मिलाकर , वाक्य बनाकर कह दी जाती है। उसे ही मुहावरा कहा जाता है। मुहावरे (Muhavare) का उपयोग करने से समय की बचत होती है।
जैसे: - घोंघा बसंत = मूर्ख, महामूर्ख, अपढ़, अपटु
मुहावरा मूलतः अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है बोल-चाल में प्रयुक्त होने वाला कथन
मैक्सिमगोरकी रूस के बहुत बड़े विद्यमान थे और बहुत बड़े साहित्यकार भी थे। उन्होंने मुहावरे और लोकोक्ति का जो परिभाषा दी है उन्होंने मुहावरे और लोकोक्ति को ठीक से समझाने की कोर्सिस की है।
उन्होंने एक बहुत अच्छी वात कहीं है, उन्होंने कहा है की शब्द यदि उंगलियां है तो मुहावरा या लोकोक्ति घुसा (मुठ्ठी) है।
इसका अर्थ निकलकर यह आता है की किसी को अगर चोट पहुंचाना है तो अंगुलियों से मरोगे तो उसे कुछ भी असर नहीं पड़ेगा !
लेकिन वहीं अगर आप उसे घुसा मरोगे तो इसका असर तुरंत देखने को मिलेगा !!
उनका कहने का तात्पर्य यह है की मुहावरे और लोकोक्ति का प्रभाव असरदार होता है। जिसे घुसा मारने से चोट का असर दिलाता है।
ठीक उसी प्रकार मुहावरे और लोकोक्ति कहने से तुरंत असर पड़ता है, सुनने वालों को और वह समझ भी पाता है।
जिस भाषा के पास जितना मुहावरे और लोकोक्ति होती है, उस भाषा को उतना ही समृद्ध माना जाता है।
साधारण अर्थ में मुहावरे का परिभाषा होगा - वह पदबंध जो सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ का बोध कराता है । और वह विशेष अर्थ प्रभावशाली ढंग से संप्रेषित होता है। उसे ही मुहावरा काहा जाता है।
मुहावरे का प्रयोग करते समय हमे कुछ बातों पर विशेष ध्ययान देना चाहिए।
• मुहावरों का प्रयोग हमेशा कुछ वाक्यों के साथ होता है। या मुहावरा हमेशा वाक्य में प्रयोग किया जाता है।
जैसे : - कथा के बैगन एक मुहावरा है, जिसका अर्थ होता है।केवल दूसरे के लिए उपदेश देना
• मुहावरे के मूल्य रूप में कभी कोई बदलाव नहीं होता है।
• मुहावरे के शब्द क्रम में कभी कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।
• मुहावरे के लिंग वचन में कभी कोई परिवर्तन नहीं किया जाता है।
• मुहावरे में कभी भी सामान्य शब्द का सामान्य अर्थ नही निकलेगा। उसका हमेशा उसके लाक्षणिक अर्थ ही निकलेगा।
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